छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नए साल के जश्न से पहले उत्तर प्रदेश में खपाने के लिए ले जाई जा रही 6 करोड़ रुपये की गांजा की खेप को पुलिस ने धनवार बैरियर पर घेराबंदी कर पकड़ा है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रक को भी जब्त कर लिया है।
Balrampur Ganja Seized: मुखबिर की सूचना पर धनवार बैरियर पर पुलिस की घेराबंदी
बलरामपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक बड़े ट्रक में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही बसंतपुर थाना पुलिस एक्टिव हुई और धनवार बैरियर पर नाकाबंदी कर दी गई।
जैसे ही संदिग्ध ट्रक वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोक लिया। शुरुआत में ट्रक चालक ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और बताया कि ट्रक में सिर्फ मवेशियों का चारा (भूसा) लदा हुआ है। लेकिन पुलिस की सघन तलाशी के दौरान भूसे की बोरियों के नीचे छिपाकर रखी गई गांजे की पेटियां बरामद हुईं।
12 क्विंटल गांजा बरामद, नए साल पर थी खपाने की तैयारी

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पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। बरामद किए गए गांजे का कुल वजन लगभग 12 क्विंटल बताया जा रहा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 6 करोड़ रुपये आंकी गई है।
उड़ीसा से उत्तर प्रदेश के शहरों में होनी थी सप्लाई
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि यह गांजा उड़ीसा से लाया जा रहा था। इसे उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में ले जाया जा रहा था। चूंकि नए साल (New Year 2026) के मौके पर नशीले पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, इसलिए तस्कर इस बड़ी खेप को ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
बलरामपुर जिले में साल 2025 की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। हालांकि, इस कामयाबी के साथ ही छत्तीसगढ़ पुलिस की मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं:
- चार जिलों की सीमा पार: उड़ीसा से बलरामपुर तक पहुँचने के लिए ट्रक ने छत्तीसगढ़ के कम से कम चार जिलों की सीमा पार की।
- चेक पोस्ट की विफलता: रास्ते में पड़ने वाले अन्य थानों और चेक पोस्ट पर यह ट्रक क्यों नहीं पकड़ा गया?
- पुराना रूट: बसंतपुर इलाका लंबे समय से तस्करी का ट्रांजिट पॉइंट बना हुआ है, फिर भी शुरुआती जिलों में कार्रवाई क्यों नहीं होती?
आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने मौके से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तस्करी के पीछे मुख्य सरगना कौन है।
निष्कर्ष (Conclusion)
बलरामपुर पुलिस की इस मुस्तैदी ने करोड़ों के नशे के कारोबार को ध्वस्त कर दिया है। Balrampur Ganja Seized मामले ने एक बार फिर अंतरराज्यीय तस्करी गिरोहों की सक्रियता को उजागर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड तक कब तक पहुँच पाती है।




