छत्तीसगढ़ की सुप्रिया ठाकुर ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर पूरे राज्य का नाम रोशन किया। जानिए उनकी मेहनत, संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी।
📰 सुप्रिया ठाकुर: छत्तीसगढ़ की बेटी जिसने भारतीय सेना में बनकर रचा इतिहास
छत्तीसगढ़ की धरती ने एक और होनहार बेटी को जन्म दिया है जिसने पूरे देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है। मुंगेली जिले की रहने वाली सुप्रिया ठाकुर ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर यह साबित कर दिया कि अगर हौसले मजबूत हों तो कोई भी सपना बड़ा नहीं होता।
आज सुप्रिया का नाम पूरे छत्तीसगढ़ में गर्व के साथ लिया जा रहा है। उनकी सफलता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है जो सेना में जाने का सपना देखते हैं।
🎯 बचपन का सपना, मेहनत का फल
सुप्रिया ठाकुर का सपना बचपन से ही देश की सेवा करने का था। उन्होंने हमेशा अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी को अपनी ताकत बनाया। गांव के सामान्य परिवार से निकलकर उन्होंने यह दिखा दिया कि अगर लक्ष्य साफ हो तो रास्ते खुद बनते हैं।
📚 पढ़ाई और तैयारी
सुप्रिया ने अपनी स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना की तैयारी शुरू की। रोजाना घंटों पढ़ाई, फिजिकल ट्रेनिंग और मानसिक मजबूती पर उन्होंने काम किया। कई बार असफलता भी मिली, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
सेना में चयन
लगातार मेहनत के बाद सुप्रिया ने SSC टेक्निकल एंट्री के माध्यम से भारतीय सेना में चयन पाया। यह परीक्षा बहुत कठिन होती है, जिसमें देशभर से हजारों उम्मीदवार शामिल होते हैं। सुप्रिया ने यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं।
👨👩👧 परिवार का साथ
सुप्रिया के माता-पिता और परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। कठिन समय में उन्होंने सुप्रिया का हौसला बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। आज उनका परिवार भी खुद को गौरवान्वित महसूस करता है।
🇮🇳 नारी शक्ति की पहचान

सुप्रिया की सफलता केवल उनकी नहीं बल्कि पूरे देश की बेटियों की जीत है। यह दिखाता है कि महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं — चाहे वह सेना हो या कोई और सेवा।
✨ युवाओं के लिए संदेश
सुप्रिया ठाकुर का जीवन यह सिखाता है कि:
- सपने बड़े रखें
- मेहनत से कभी डरें नहीं
- खुद पर विश्वास रखें
- अगर लक्ष्य सच्चा हो तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं।




